चरवाहा सम्मेलन में वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा का दिया संदेश, अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
केसली:प्रदीप पांडे
वन मंडल दक्षिण सागर के अंतर्गत वन परिक्षेत्र केसली में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चरवाहा सम्मेलन आयोजित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित सम्मेलन में क्षेत्र के चरवाहों, ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा वन विभाग के अधिकारी–कर्मचारियों ने सहभागिता की।
सम्मेलन के दौरान वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जंगल में पशु चराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, वन्यजीवों की सुरक्षा और वन संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चरवाहों एवं ग्रामीणों को जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि वन क्षेत्र में चराई के दौरान वन्यजीवों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है। वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे और उनका प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहे, इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों एवं चरवाहों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को शासन के वन संरक्षण संबंधी नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी देते हुए जंगल में होने वाली किसी भी संदिग्ध अथवा अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सहभागिता से ही संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान चरवाहों और ग्रामीणों से वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से दूर रहने तथा वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में विभाग का सहयोग करने की अपील की गई। सम्मेलन के अंत में उपस्थित चरवाहों एवं ग्रामीणों ने वन संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी अभय दुबे, प्रशिक्षु अधिकारी राज बहादुर तिवारी, परिक्षेत्र सहायक उत्तम यादव, वन रक्षक आशीष सैनी, देवेंद्र दुबे एवं हरिओम तिवारी सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में चरवाहे एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


