सागर जिले में बिना अनुमति कॉलोनी काटकर लोगों को प्लॉट बेचने वालों की अब खैर नहीं! अवैध कॉलोनियों के बढ़ते कारोबार पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के न्यायालय से जारी आदेशों के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी निर्माण करने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है—15 दिन में अवैध निर्माण और चिन्हांकन हटाओ, नहीं तो बुलडोजर चलेगा और FIR भी दर्ज होगी।
सागर जिले में अवैध कॉलोनाइजरों पर बड़ी कार्रवाई
बिना शासकीय अनुमति कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करने और भूखंड बेचने वालों के खिलाफ सागर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर न्यायालय से जारी आदेशों के तहत संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर अवैध प्लॉटिंग, चिन्हांकन और निर्माण हटाने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया तो अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई, जमीन के खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज करने और संबंधित थाने में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
बीना और रहली में पांच मामलों पर कार्रवाई
कलेक्टर न्यायालय के आदेश के तहत बीना और रहली क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं कॉलोनी विकास के पांच मामलों में कार्रवाई की गई है।
रजिस्ट्री पर भी लगेगी रोक, नहीं हटाया तो होगी FIR
प्रशासन ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दायरे में आने वाली जमीनों की क्रय-विक्रय रोकने के लिए उप-पंजीयक कार्यालय को सूची भेजी जाए।
मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के तहत की जा रही इस कार्रवाई में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 दिन की समय सीमा के बाद भी यदि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग नहीं हटाई गई तो प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा।
यानी अब बिना अनुमति कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचने वालों के सामने प्रशासन ने साफ संदेश रख दिया है—नियमों की अनदेखी महंगी पड़ेगी। वहीं अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों के लिए भी यह कार्रवाई एक बड़ा संकेत है कि जमीन खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता और जरूरी अनुमतियों की जांच करना बेहद जरूरी है।


