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गौरझामर में निकली श्रीजी की भव्य विमान यात्रा, बारिश में भी नहीं थमा श्रद्धालुओं का उत्साह

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Published On: September 25, 2026

पर्यूषण पर्व के समापन पर सात जिन मंदिरों की कराई गई वंदना, जयकारों और भजनों से भक्तिमय हुआ नगर; बारिश के बीच भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु

गौरझामर। पर्यूषण पर्व के समापन एवं अंतिम ब्रह्मचर्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गौरझामर में श्रीजी की भव्य विमान यात्रा निकाली गई। दोपहर करीब 2 बजे यात्रा प्रारंभ होते ही आसमान में बादल छा गए। करीब 5 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान अधिकांश समय मौसम अनुकूल रहा, जबकि यात्रा के अंतिम चरण में हुई बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
विद्या निलय परिसर स्थित बड़े जैन मंदिर से श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को विमान में विराजमान कर यात्रा प्रारंभ की गई। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सात जिन मंदिरों तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने श्रीजी की वंदना एवं दर्शन किए। इसके बाद यात्रा पुनः बड़े जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा के दौरान पूरा नगर धार्मिक जयकारों और भजनों से गूंज उठा। आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समयसागर जी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा के पारंपरिक वस्त्रों में सजे श्रद्धालु विमान के साथ चल रहे थे। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की बड़ी सहभागिता ने यात्रा की भव्यता बढ़ा दी।

बारिश में भी नहीं थमा भक्ति का उत्साह

यात्रा के अंतिम चरण में बजरिया स्थित प्राचीन मंदिर के समीप बारिश शुरू हो गई। बारिश की बूंदों के बीच भी श्रद्धालु यात्रा में डटे रहे। कई श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। बारिश के बीच निकली इस यात्रा ने पर्यूषण पर्व के समापन को और भी यादगार बना दिया।
यात्रा के समापन अवसर पर पूज्य आर्यिका माता वैराग्यमति, प्रशममति, सहजमति एवं धवलमति जी ने पर्यूषण पर्व की सफल आराधना के लिए श्रावक-श्राविकाओं की अनुमोदना की तथा धर्म प्रभावना का संदेश दिया।
आयोजन को सफल बनाने में श्री विद्यासागर सेवादल, बालिका मंडल, महिला मंडल, दयोदय गौशाला समिति, पाठशाला परिवार, जैन पंचायत समिति सहित विभिन्न जिन मंदिर समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता और व्यवस्थित आयोजन के साथ गौरझामर में पर्यूषण पर्व का समापन धार्मिक उल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ।