190 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना पर मनीष कुमार सिरबैया बोले—शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से करे निर्वहन
सागर। त्रिवेन्द्र जाट
मध्यप्रदेश के बालाघाट सहित आदिवासी क्षेत्रों में दूषित पानी तथा मलेरिया-डेंगू से होने वाली मौतों के बाद अब सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों की घटना ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहरीली शराब से 18 लोगों की मौत और करीब 190 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना को लेकर अपना दल (सोनेलाल) ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
अपना दल (सोनेलाल) के सागर जिला अध्यक्ष मनीष कुमार सिरबैया ने प्रेस के माध्यम से जारी बयान में कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आना शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहा है।
सिरबैया ने कहा कि जनहित और जनकल्याण से जुड़े मामलों में सरकार को तत्काल और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों की कथित लापरवाही, उदासीनता एवं भ्रष्टाचार के मामलों में भी सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जहरीली शराब जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
अपना दल (सोनेलाल) ने सरकार से मांग की है कि सागर सहित प्रदेश में ऐसी घटनाओं की प्रभावी जांच कराई जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।


