जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के बाद खाद्य विभाग की जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं, पांचों दुकानें निलंबित कर नजदीकी संस्थाओं से अटैच
सागर। गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आवंटित राशन के वितरण में अनियमितता की शिकायतों को लेकर सागर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा की गई जांच में पांच शासकीय उचित मूल्य दुकानों में स्टॉक और वितरण से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
प्रशासन की कार्रवाई जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई जांच के बाद हुई है।
जांच में स्टॉक और वितरण में मिली गड़बड़ी
सहायक आपूर्ति अधिकारी चारू जैन एवं प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी अभिषेक मोर द्वारा गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड, शिवाजीनगर और सुबेदार क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों की जांच की गई।
जांच के दौरान दुकान संचालकों द्वारा स्टॉक का उचित संधारण नहीं करने, दुकान समय पर नहीं खोलने, उठाव किए गए खाद्यान्न और हितग्राहियों को किए गए वितरण में अंतर तथा दुकानों पर खाद्यान्न का भौतिक स्टॉक उपलब्ध नहीं होने जैसी अनियमितताएं सामने आने की जानकारी प्रशासन ने दी है।
इन दुकानों में सामने आया खाद्यान्न का अंतर
जांच के अनुसार विभिन्न दुकानों में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का अंतर पाया गया। प्रशासन द्वारा जारी विवरण के मुताबिक—
सुबेदार-01 (कोड 1001046): वर्तमान विक्रेता ध्रुव रजक के स्तर पर 2,236 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसकी कीमत ₹1,45,680 बताई गई है। पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 5,60,012 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसकी कीमत ₹15,67,329 बताई गई है।
शास्त्री वार्ड (कोड 1001020): विक्रेता रमा एवं सहायक विक्रेता अनुरोध के स्तर पर 47,291 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसकी कीमत ₹14,55,230 बताई गई है।
गांधीचौक वार्ड (कोड 1001039): वर्तमान विक्रेता अनुराग के स्तर पर 3,293 किलोग्राम तथा पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 24,054 किलोग्राम खाद्यान्न का अंतर पाया गया। इनकी कीमत क्रमशः ₹1,04,664.50 और ₹7,49,500 बताई गई है।
रामपुरा वार्ड (कोड 1001057): विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 15,544 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसकी कीमत ₹4,75,260 बताई गई है।
शिवाजीनगर वार्ड (कोड 1001007): विक्रेता दीपक श्रीवास्तव के स्तर पर 20,362 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसकी कीमत ₹6,47,610 बताई गई है।
पांचों राशन दुकानें निलंबित
जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित पांचों उचित मूल्य दुकानों को निलंबित कर दिया है। हितग्राहियों को राशन वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए इन दुकानों को नजदीकी संस्थाओं से अस्थायी रूप से संबद्ध किया गया है।
BNS और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR
प्रशासन के अनुसार संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5) और 318(4) के तहत पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रशासन द्वारा संबंधित खाद्यान्न की राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा रही है।
कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
गरीब हितग्राहियों के हक से जुड़े राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कार्रवाई के बाद अब यह संदेश स्पष्ट है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ जांच के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


