मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मृतक परिवारों को 25 लाख मुआवजा देने की मांग, 15 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
सागर, सागर जिले की बंडा विधानसभा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले को लेकर अब सामाजिक संगठन भी मुखर हो गए हैं। भगवती मानव कल्याण संगठन, शाखा सागर ने मामले को गंभीर बताते हुए कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है।
संगठन ने ज्ञापन में दावा किया है कि लाइसेंसी दुकानों से गांव-गांव पहुंची कथित अवैध शराब के सेवन से अब तक 30 से 35 लोगों की मौत हुई है, जबकि 150 से अधिक लोग अलग-अलग अस्पतालों में उपचाररत हैं। संगठन ने शराब की गुणवत्ता को लेकर आबकारी विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
संगठन का आरोप है कि 5 सितंबर को आबकारी विभाग ने बिना फोरेंसिक जांच के संबंधित शराब को पीने योग्य बताते हुए क्लीनचिट दे दी थी। वहीं, संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार 7 सितंबर को सानौधा थाना क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने एक पेटी कथित जहरीली शराब पकड़वाकर आबकारी विभाग को सूचना दी थी। संगठन ने दावा किया कि यह शराब नौराज गांव से बरामद हुई, जहां चार मौतें होने की बात कही गई है।
मामले को लेकर संगठन ने सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में वर्ष 2021 के मुरैना शराब कांड का हवाला देते हुए संगठन ने उनकी भूमिका की जांच की मांग की है।
संगठन ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, परिजनों के एक वर्ष तक निःशुल्क इलाज, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच और दोषी अधिकारियों की बर्खास्तगी सहित कुल आठ मांगें रखी हैं। इसके साथ ही सागर कलेक्टर और एसपी को हटाने तथा जिले की सभी लाइसेंसी शराब दुकानों को स्थायी रूप से बंद करने की मांग भी की गई है।
संगठन ने पूरे मामले की सीबीआई जांच के साथ पांच आईएएस अधिकारियों और पांच समाजसेवियों की टीम से जांच कराने की मांग रखी है।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवारों और आमजन के साथ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।


