“मैं से हम तक की यात्रा कठिन, लेकिन जरूरी”—डॉ. आर.के. गोस्वामी
देवरी। मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवरी में व्यक्तित्व विकास विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को व्यक्तित्व निर्माण, जीवन में संकल्प और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उच्च शिक्षा सागर संभाग, सागर के अतिरिक्त संचालक डॉ. आर.के. गोस्वामी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व का विकास केवल बाहरी व्यक्तित्व को निखारना नहीं, बल्कि व्यक्ति के आंतरिक गुणों का विकास है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में किसी संकल्प को चुनना है तो विकल्पों को छोड़ने का साहस भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि “मैं से हम तक की यात्रा काफी कठिन है और कठिन है बहुत सरल हो जाना।” उनके वक्तव्य ने विद्यार्थियों को आत्मचिंतन और अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाने की दिशा में प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश दुबे ने कहा कि व्यक्तित्व विकास का प्रमुख उद्देश्य छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार जैसे गुणों का विकास भी आवश्यक है।
इस अवसर पर डॉ. जी.आर. चौहान ने कहा कि आधुनिक समय में व्यक्तित्व का अपना विशेष महत्व है। पद और धन व्यक्ति के साथ हमेशा नहीं रहते, लेकिन व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व और उसके व्यवहार से बनती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने व्यक्तित्व को मजबूत बनाने के साथ-साथ अच्छे संस्कार और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. विनोद सोनी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. कलम सिंह डुडवे, शिवलाल अरिहवार, डॉ. मनीषा पाण्डे, डॉ. नीरज कुमार मिश्रा, डॉ. रिजवान खान, डॉ. महेन्द्र कुमार चौरसिया, डॉ. शिवेन्द्र पाठक, डॉ. अनामिका पाठक, डॉ. हरिशंकर सेन, डॉ. आनंद भट्ट, राजेश गिरवाल, ज्योति तिवारी, चंदन सिंह अहिरवार सहित महाविद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


