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हिन्दी ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पीढ़ियों तक पहुंचाया: भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे विचार

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Published On: September 16, 2026

भारतीय ज्ञान परंपरा में हिन्दी भाषा एवं साहित्य की भूमिका पर आयोजित हुई भाषण प्रतियोगिता, राधिका तिवारी ने हासिल किया प्रथम स्थान

देवरी। शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, देवरी में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत बुधवार, 16 सितंबर को हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर ‘भारतीय ज्ञान परम्परा में हिन्दी भाषा एवं साहित्य की भूमिका’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन के साथ किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश दुबे ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भारतीय भाषाओं एवं साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में भाषा और साहित्य का योगदान महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम प्रभारी शिवलाल अहिरवार ने कहा कि प्राचीन काल में ज्ञान की परंपरा श्रुति और स्मृति के माध्यम से सुरक्षित रही। भारतीय ज्ञान परंपरा में हजारों वर्षों तक ज्ञान एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होता रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय भाषाओं एवं ज्ञान परंपरा के महत्व को समझने और इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में कु. राधिका तिवारी, बीए प्रथम वर्ष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इरफान खान, एमए प्रथम सेमेस्टर एवं जितेन्द्र लोधी, बीए प्रथम वर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि साहब लोधी, एमए प्रथम सेमेस्टर एवं दीपेश सेन, बीए द्वितीय वर्ष ने तृतीय स्थान हासिल किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. रिजवान खान द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीषा पाण्डे, डॉ. हरिशंकर सेन, विनोद सोनी, एनसीसी एवं एनएसएस के कैडेट्स सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।