पितृपक्ष में सुनार नदी के पीरा घाट पर उमड़ी आस्था
गौरझामर। गिरीश शर्मा
पितृपक्ष के अवसर पर गौरझामर स्थित सुनार नदी के पीरा घाट पर बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने सुनार नदी में स्नान कर विधि-विधान से अपने पितरों के निमित्त तर्पण अर्पित किया और उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की।
घाट पर सुबह से ही धार्मिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ का दौर चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव से सराबोर नजर आया। लोगों ने अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
पं. दिलीप वैध ने बताया कि पितृपक्ष सनातन परंपरा में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान श्रद्धालु अपने पितरों का स्मरण कर तर्पण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। उन्होंने कहा कि पितरों का स्मरण हमारी परंपरा और संस्कारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।पीरा घाट पर पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। लोग श्रद्धा के साथ अपने-अपने पितरों का तर्पण कर पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं।


