ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे जनसुनवाई में, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; दो दिन बाद गांव पहुंचकर समस्याएं देखने का आश्वासन
देवरी। जनपद पंचायत देवरी के आदिवासी बाहुल्य ग्राम उमरखोय में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। मंगलवार को ग्रामीण जनसुनवाई में पहुंचे और एसडीएम मुनव्वर खान को ज्ञापन सौंपकर गांव को नेशनल हाईवे-44 से जोड़ने वाले मार्ग के निर्माण सहित बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत चिरचिटा सुखजू के अंतर्गत आने वाले उमरखोय गांव में करीब 500 लोगों की आबादी है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्के मार्ग का अभाव है। ग्रामीणों को जंगल और कीचड़ भरे रास्ते से करीब तीन-चार किलोमीटर पैदल चलकर नेशनल हाईवे तक पहुंचना पड़ता है। बारिश के दौरान रास्ते में दलदल और कीचड़ होने से आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग नेशनल हाईवे-44 फोरलेन से गांव तक जंगल के रास्ते सड़क निर्माण की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसके चलते सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है।
रात में गांव में छा जाता है अंधेरा
ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की समस्या भी जनसुनवाई में रखी। किसानों ने बताया कि सिंचाई के लिए पंपलाइन की बिजली दिन में आती है, लेकिन वह भी करीब दस घंटे तक ही मिलती है। रात के समय पूरे गांव में अंधकार बना रहता है।
छात्रा भुवनेश्वरी ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं केशभाई आदिवासी ने कहा कि आजादी के बाद से गांव में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। सड़क निर्माण के लिए पंचायत के सरपंच और सचिव से कई बार मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
एसडीएम बोले—दो दिन बाद गांव पहुंचकर देखेंगे हालात
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद एसडीएम मुनव्वर खान ने पंचायत सचिव को सड़क की मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही बिजली विभाग को गांव में सुचारू विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह दो दिन बाद स्वयं उमरखोय गांव पहुंचेंगे और सड़क व बिजली की समस्या का मौके पर निरीक्षण कर समाधान कराने की दिशा में कार्रवाई करेंगे।


