गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में त्वरित कार्रवाई, सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाए गए बालक-बालिकाएं
सागर, एमपी हिंदी न्यूज
नाबालिग बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी एवं अपहरण के मामलों में सागर पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सिर्फ एक सप्ताह में 22 नाबालिग बालक-बालिकाओं को दस्तयाब कर सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया। बच्चों की तलाश के लिए पुलिस टीमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ प्रदेश के बाहर भी पहुंचीं।
एसपी के निर्देश पर चला विशेष अभियान
पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को धारा 137(2) BNS एवं धारा 363 IPC के तहत दर्ज प्रकरणों में नाबालिगों की शीघ्र दस्तयाबी के निर्देश दिए थे। प्रत्येक मामले की गंभीरता से समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार विशेष पुलिस टीमों का गठन करने के लिए भी कहा गया था।निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी ने प्रकरणों की लगातार समीक्षा करते हुए संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों की मॉनिटरिंग में तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर नाबालिगों की तलाश के प्रयास तेज किए गए।
संभावित ठिकानों पर पहुंचीं पुलिस टीमें
पुलिस टीमों ने उपलब्ध जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संभावित स्थानों को चिन्हित किया। इसके बाद जरूरत के अनुसार मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमें भेजी गईं। लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप एक सप्ताह के भीतर 22 नाबालिगों को दस्तयाब करने में सफलता मिली।
बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों को मिली राहत
दस्तयाबी के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर सभी नाबालिगों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। लंबे समय से बच्चों की तलाश में परेशान परिजनों के चेहरों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद राहत और खुशी दिखाई दी।
सागर पुलिस ने कहा कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। गुमशुदगी एवं अपहरण से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षित दस्तयाबी के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।
सागर पुलिस की अपील
सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बालक या बालिका गुम होता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा पुलिस को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को तेजी से कार्रवाई कर बच्चे को सुरक्षित तलाशने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।


