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हथियारों की तलाश में पहुंची पुलिस को मिला करीब 3 करोड़ कैश, गिनती के लिए बुलानी पड़ी नोट गिनने की मशीन

बंदूक की तलाश में पहुंची पुलिस, घर में मिली 3.02 करोड़ की गड्डियां, 5-6 घंटे चली नोटों की गिनती

सागर :सागर में सोशल मीडिया पर वायरल बंदूक की एक फोटो ने पुलिस को एक ऐसे घर तक पहुंचा दिया, जहां हथियार तो नहीं मिला, लेकिन 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियों का ढेर देखकर पुलिस के होश उड़ गए। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली कि नोट गिनने के लिए मशीन बुलानी पड़ी और करीब 5 से 6 घंटे तक गिनती चलती रही। गिनती पूरी हुई तो रकम सामने आई—3 करोड़ 2 लाख 14 हजार रुपए। अब सवाल है कि इतनी बड़ी रकम आखिर किसकी है और सागर के घर में क्यों रखी गई थी?

बंदूक की फोटो बनी पुलिस की पहली कड़ी

मामला सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सोशल मीडिया पर एक युवक की बंदूक के साथ फोटो वायरल होने की जानकारी मिली थी। फोटो के आधार पर युवक की पहचान तिली तिराहे निवासी सौरभ अहिरवार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी।

हथियार नहीं मिला, नकदी का खजाना मिला

पुलिस ने घर की तलाशी ली, लेकिन बंदूक या कोई अन्य अवैध हथियार बरामद नहीं हुआ। इसी दौरान पुलिस की नजर भारी मात्रा में रखी नकदी पर पड़ी। 500-500 रुपए के नोटों की इतनी गड्डियां थीं कि मौके पर नोट गिनने की मशीन बुलानी पड़ी। राजस्व विभाग की टीम को भी बुलाया गया।

करीब 5 से 6 घंटे की गिनती के बाद नकदी 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार रुपए बताई गई।

परिवार ने बताया—रिश्तेदार की है रकम पूछताछ में परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि यह रकम उनके रिश्तेदार रमेश कुमार अहिरवार, निवासी कोलार रोड, भोपाल की है। परिवार के अनुसार रमेश कुमार पीडब्ल्यूडी विभाग में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक सौरभ अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। परिवार का कहना है कि रिश्तेदारी के चलते रमेश कुमार ने रकम सुरक्षित रखने के लिए यहां रखवाई थी।

नई अलमारी में चार बैग, बैगों में करोड़ों की नकदी

बताया गया कि रकम रखने के लिए नई अलमारी खरीदी गई थी। इसमें चार बैगों में नकदी रखी गई थी। इतनी बड़ी रकम घर में रखे जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस अधिकारियों ने देर रात तक की पूछताछ

रविवार देर रात तक पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया और एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी परिवार के सदस्यों से रकम के संबंध में पूछताछ करते रहे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है और इसे सागर में क्यों रखा गया था।

EOW या लोकायुक्त को सौंपी जा सकती है जांच

पुलिस के अनुसार रकम के वैध स्रोत से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण संबंधित लोगों से मांगे जा सकते हैं। आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW या लोकायुक्त को सौंपी जा सकती है।

वहीं, सूत्रों के हवाले से प्रॉपर्टी सौदे या किसी बड़े लेन-देन में रकम के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, कमीशन या काली कमाई से रकम जुड़े होने की बात फिलहाल केवल जांच का विषय है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सबसे बड़ा सवाल—3 करोड़ आखिर किसके?

अब जांच के केंद्र में तीन बड़े सवाल हैं—3 करोड़ 2 लाख 14 हजार रुपए वास्तव में किसके हैं? पैसा कहां से आया? और इतनी बड़ी नकदी सागर के एक घर में क्यों रखी गई थी? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।