सागर में मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग का शिकंजा
मिठाई, पनीर और दाल के नमूने जांच के लिए भेजे; अमानक मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
सागर। एमपी हिंदी न्यूज़
आगामी त्योहारों को देखते हुए आमजन को शुद्ध और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह ने बम्होरी बीका स्थित राजस्थान स्वीट्स के कारखाने का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान संचालक को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और कारखाने में पेस्ट कंट्रोल की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। टीम ने गुणवत्ता परीक्षण के लिए मीठा मावा, बेसन लड्डू, मोतीचूर दाना और मिल्क केक के नमूने लिए।
वहीं उपभोक्ता की शिकायत पर कटरा स्थित न्यू शुभम होटल/रेस्टोरेंट की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस की कार्रवाई की जा रही है। होटल की रसोई में इस्तेमाल हो रहे पनीर और तुअर दाल के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट में नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
फंगस वाली मिठाई पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिष्ठान विक्रेताओं को बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस मौसम में मिठाइयों में फंगस लगने की संभावना बढ़ जाती है। विक्रेताओं को दैनिक खपत के अनुसार ही मिठाइयों का निर्माण करने और निर्धारित शेल्फ लाइफ के भीतर बिक्री सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विशेष रूप से छेना आधारित मिठाइयों की कम शेल्फ लाइफ को देखते हुए Use-by Date का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। बासी, फंगसयुक्त या दूषित खाद्य सामग्री मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने के साथ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।मुख्य बात: लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


