परिजनों का दावा- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दूसरे खाते में लिंक, KYC पूरी नहीं होने से करीब एक साल से नहीं मिली पेंशन
गौरझामर। अखलेश जैन
बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी समस्या एक दिव्यांग खाताधारक और उसके परिजनों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। गुगवारा निवासी अरहान पिता कदील खान का खाता सेंट्रल बैंक शाखा गौरझामर से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, खाते में सुधार के लिए वे पिछले करीब चार वर्षों से बैंक शाखा के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
परिजनों का कहना है कि वर्ष 2022 में इस संबंध में तत्कालीन शाखा प्रबंधक को लिखित रूप से जानकारी भी दी गई थी। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक खाते से जुड़ी समस्या बनी हुई है।
दूसरे खाताधारक से मोबाइल नंबर लिंक होने का दावा
परिजनों के अनुसार, अरहान के आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बैंक खाते से संबंधित प्रक्रिया में उपयोग होना है, लेकिन उक्त मोबाइल नंबर उसी बैंक में किसी अन्य खाताधारक के खाते से लिंक बताया जा रहा है। उनका दावा है कि दूसरे खाते में होने वाले लेनदेन से संबंधित SMS भी इसी मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो रहे हैं।
KYC पूरी नहीं होने से पेंशन पर असर
परिजनों के मुताबिक, खाते की KYC पूरी नहीं होने के कारण करीब एक वर्ष से अरहान की दिव्यांग पेंशन नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि KYC के लिए बायोमेट्रिक और OTP जैसी प्रक्रियाओं में भी परेशानी सामने आ रही है।
परिजनों के अनुसार, अरहान के हाथ शारीरिक रूप से मुड़े होने के कारण फिंगर कैप्चर में परेशानी होती है। वहीं OTP के लिए इस्तेमाल होने वाला मोबाइल नंबर दूसरे खाते से लिंक होने के कारण OTP प्राप्त करने में भी दिक्कत आ रही है।
चार साल से समाधान का इंतजार
परिजनों का कहना है कि खाते से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए वे लगातार बैंक शाखा से संपर्क कर रहे हैं। उनका सवाल है कि यदि वर्ष 2022 में समस्या की जानकारी लिखित रूप से दी गई थी, तो इतने लंबे समय बाद भी इसका समाधान क्यों नहीं हो पाया।
उनका कहना है कि दिव्यांग खाताधारक को बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बार-बार शाखा के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए खाते की मोबाइल लिंकिंग और KYC से जुड़ी समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि पेंशन भी नियमित रूप से मिल सके।
बैंक का पक्ष सामने नहीं आया
इस मामले में बैंक प्रबंधन का पक्ष खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है। बैंक की ओर से आधिकारिक जानकारी या स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


