संकुल स्तरीय संस्कृति महोत्सव में शिशु से तरुण वर्ग तक के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की प्रतिभा, विजेताओं को किया गया सम्मानित
देवरी:विद्या भारती के मार्गदर्शन में सरस्वती शिशु मंदिर, देवरी में बुधवार को संकुल स्तरीय संस्कृति महोत्सव-2026 का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव में शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्ग के भैया-बहनों ने विभिन्न सांस्कृतिक, कलात्मक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष मिथिलेश ब्रह्मपुरिया, व्यवस्थापक मयंक चौरसिया एवं प्रतिभा चौरसिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद व्यवस्थापक मयंक चौरसिया के उद्बोधन एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ।
शास्त्रीय गायन से लेकर चित्रकला तक हुईं प्रतियोगिताएं
मुख्य मंच पर विद्या भारती सरस्वती वंदना, वंदे मातरम् गायन, शास्त्रीय गायन, एकल अभिनय, व्यक्तिगत गीत एवं एकल भजन सहित विभिन्न प्रस्तुतियां हुईं। वहीं अलग-अलग कक्षों में रंगोली, मूर्तिकला, चित्रकला, निबंध, कथा-कथन, आशु भाषण, तबला वादन, गीता पाठ, मानस प्रथमाक्षरी, स्वरचित कविता एवं संस्कृति बोध परियोजना आधारित प्रश्नमंच जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, परंपरा, कला, संगीत एवं साहित्य से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
महाराजपुर, देवरी, केसली, टड़ा और गौरझामर से प्रतिभागियों की सहभागिता
आयोजन में महाराजपुर, देवरी, केसली, टड़ा एवं गौरझामर के सांस्कृतिक प्रभारी विशेष रूप से शामिल रहे। प्रतियोगिताओं को व्यवस्थित एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने में निर्णायक मंडल एवं समिति के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन में अध्यक्ष मिथिलेश ब्रह्मपुरिया, उपाध्यक्ष प्रतिभा दीदी, सहसचिव अमित चौरसिया, सदस्य संजीव सोनी एवं प्रमोद नामदेव, गौरझामर समिति के कोषाध्यक्ष शशि शान्डे, व्यवस्थापक प्रेम साहू, पूर्व प्राचार्य नरेन्द्र तिवारी, पूर्व आचार्या उत्तरा दीदी, पूर्व आचार्य देवेन्द्र सोनी तथा पूर्व छात्र अविनाश खत्री एवं आशुतोष मिश्रा सहित अन्य सहयोगियों की सहभागिता रही।
विजेता प्रतिभागियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य सुनील कुमार तिवारी ने आयोजन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजित समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
प्राचार्य सुनील कुमार तिवारी, संस्कृति महोत्सव के संकुल प्रभारी लक्ष्मीकांत राजपूत एवं प्रबंध समिति के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के स्वागत, जलपान, चिकित्सा सुविधा एवं मंच संचालन की व्यवस्थाएं आचार्यों की टोलियों द्वारा संभाली गईं।
आयोजकों के अनुसार, संस्कृति महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, कला, संगीत, साहित्य एवं बौद्धिक परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का प्रयास किया गया।


