राज्य कर्मचारी संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने और तकनीकी अड़चनें दूर करने की मांग
देवरी। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्य में जिम्मेदारी निभाने के बाद भी मानदेय का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने आवाज उठाई है। संघ की तहसील एवं विकासखंड शाखा देवरी ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर जनगणना कार्य में संलग्न पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों का लंबित मानदेय शीघ्र जारी कराने की मांग की है।
संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि तहसील देवरी क्षेत्र में जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा, लगन और समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। कर्मचारियों ने नियमित शासकीय कार्यों के साथ अतिरिक्त समय और श्रम लगाकर इस महत्वपूर्ण कार्य को संपन्न कराया। इसके बावजूद निर्धारित मानदेय का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ रहा है।
दूसरे जिलों में भुगतान, देवरी के कर्मचारी अब भी इंतजार में
राज्य कर्मचारी संघ ने ज्ञापन में बताया कि अन्य विकासखंडों एवं जिलों में जनगणना मानदेय का भुगतान होने की जानकारी मिल रही है, जबकि देवरी क्षेत्र के कर्मचारियों का भुगतान अब तक लंबित है। इस स्थिति को लेकर कर्मचारियों में चिंता और असंतोष है।
संघ का कहना है कि बार-बार बैंक खाते के नंबर और अन्य जानकारियां मांगे जाने से भी कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि भुगतान प्रक्रिया में कोई तकनीकी समस्या या दस्तावेज संबंधी कमी है, तो संबंधित कर्मचारियों को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते उसका निराकरण हो सके।
मानदेय भुगतान में देरी दूर करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने प्रशासन से मांग की कि जनगणना कार्य में संलग्न सभी पात्र कर्मचारियों का लंबित मानदेय जल्द जारी किया जाए। भुगतान प्रक्रिया में आ रही बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए और यदि किसी कर्मचारी के दस्तावेज या बैंक संबंधी जानकारी अधूरी है, तो उसे स्पष्ट रूप से सूचित किया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों ने शासन के निर्देशों के अनुरूप अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया है। ऐसे में उनके कार्य के बदले निर्धारित मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना आवश्यक है। भुगतान में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता है। इसलिए प्रशासन को इस मामले में शीघ्र सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
अब देखना होगा कि कर्मचारियों की इस मांग पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और जनगणना कार्य में जुटे कर्मचारियों को उनके लंबित मानदेय का भुगतान कब तक मिल पाता है।


