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बड़ादेव स्थापना दिवस पर उमड़ा आदिवासी समाज,संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का लिया संकल्प

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Published On: September 30, 2026

मंदिर निर्माण के लिए संदीप जैन ने दिए ₹21 हजार,जगदीश मर्सकोले ने दी भूमि दानदाता

देवरी। ग्राम बोरिया स्थित बड़ादेव ठाना प्रांगण में बड़ादेव स्थापना दिवस श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकजुटता के माहौल में मनाया गया। आदिवासी समाज द्वारा आयोजित समारोह में क्षेत्र के समाजसेवी संदीप जैन ‘बब्लू सिनेमा वाले’, देवरी विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और आपसी भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। समारोह के दौरान संदीप जैन ने अखिल गौड़ महासभा के पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस अवसर पर बड़ादेव मंदिर निर्माण के लिए अपनी भूमि दान करने वाले जगदीश मर्सकोले का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। समाज के धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए भूमि दान करने के उनके योगदान की उपस्थित लोगों ने सराहना की।

 

मंदिर निर्माण के लिए 21 हजार रुपये की सहायता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी संदीप जैन ‘बब्लू’ ने आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने बड़ादेव मंदिर के नवनिर्माण कार्य में सहयोग के लिए अपनी ओर से 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उनकी इस पहल का उपस्थित समाजजनों ने स्वागत किया। महासभा के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद समारोह में विजय राजपूत, दादा एस.एस. ठाकुर (प्रदेश संरक्षक), अवदराज शाह मर्सकोला (प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष), लेखन सिंह कुवेती पंडाई (सागर जिला अध्यक्ष), दादा भूपत सिंह मरकाम, विश्वनाथ मरावी (उपाध्यक्ष), सुन्दर सिंह मरावी (कार्यवाहक अध्यक्ष), रामसेवक उइके (उपाध्यक्ष), संतोष धुर्वे (उपाध्यक्ष), रामगोपाल परते (उपाध्यक्ष), लीलाधर मर्सकोला (संगठन मंत्री), कुंदन सिंह टेकाम (महासचिव), निजाब सिंह मरकाम (संगठन सदस्य), कमल मर्सकोला (सक्रिय सदस्य), भगवान सिंह कसौय्या (सचिव), नारायण सिंह मर्सकोला (ब्लॉक उपाध्यक्ष, केसली), हीरासिंह गोपालपुरा (सक्रिय सदस्य), उत्तम टेकाम (सरपंच एवं ब्लॉक केसली अध्यक्ष), हरिनाम धुर्वे (प्रचार मंत्री), हरप्रसाद मरावी (देवरी ब्लॉक अध्यक्ष), शेरसिंह सोहाम (महामंत्री), रघुवंश सिंह मर्सकोला, परसोतम मरकाम, सुन्दर सिंह मरकाम (सहयोगी सदस्य) तथा शफर मर्सकोला (सक्रिय सदस्य) सहित क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासी समाजजन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आपसी भाईचारे को मजबूत करने, आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा बड़ादेव मंदिर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।