लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, मुख्यमंत्री खुद कर रहे मॉनिटरिंग
सागर। बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब के सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रभावित मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट लाने और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
109 मरीजों का उपचार जारी
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 109 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इनमें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 12 आईसीयू में हैं। जिला चिकित्सालय में 17 और बंडा सिविल हॉस्पिटल में 7 मरीज उपचाररत हैं। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है। मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रारंभिक जांच में जहरीली शराब के बाहर से बनकर सप्लाई होने की बात सामने आई है। शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है। हालांकि शराब के स्रोत की विस्तृत जांच जारी है।
20 आरोपियों पर नामजद केस, 10 अभिरक्षा में
पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने बताया कि थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरुद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। वहीं थाना विनायका में भी 10 आरोपियों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ के साथ अवैध शराब के स्रोत और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखते हुए मामले की विस्तृत जांच और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है। प्रभावित मरीजों के आने की दर में कमी आई है, जबकि गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।
बैठक में सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा, कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री एस.एस. चौहान, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


