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शालेय खेल प्रतियोगिता बनी औपचारिकता? 19 सरकारी स्कूलों में से सिर्फ 5 ने लिया हिस्सा

खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने की योजना पर सवाल, सीमित भागीदारी से व्यवस्था पर उठी चिंताएं

केसली। प्रदीप पांडे

केसली ब्लॉक में सोमवार और मंगलवार को आयोजित दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं में सीमित स्कूलों की भागीदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कक्षा 9 से 12 के बालक-बालिका वर्ग के लिए कबड्डी और खो-खो प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, लेकिन ब्लॉक के बड़ी संख्या में विद्यालयों के शामिल नहीं होने से आयोजन की व्यापकता पर चर्चा शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार केसली ब्लॉक में करीब 19 शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल हैं। निजी विद्यालयों को शामिल करने पर यह संख्या दो दर्जन के आसपास पहुंचती है। इसके बावजूद प्रतियोगिता में चौका, पटनाखुर्द, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केसली, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केसली और एक निजी विद्यालय सहित कुल पांच स्कूलों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।

प्रतियोगिताओं में 14, 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के कबड्डी और खो-खो मुकाबले कराए गए। कबड्डी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की टीम विजेता रही। चयनित खिलाड़ियों को जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

 

संसाधनों की कमी भी बनी चुनौती

प्रतियोगिता से जुड़े खेल प्रभारी के अनुसार उपलब्ध फंड की कमी के बावजूद आयोजन कराया गया। मैदान में चूना आदि की व्यवस्था भी स्थानीय स्तर पर की गई। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त संसाधन और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हों तो अधिक विद्यालयों और खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि शालेय खेल प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है, ऐसे में अधिक से अधिक विद्यालयों की सहभागिता जरूरी है। सीमित भागीदारी रहने पर योजना के अपेक्षित परिणाम प्रभावित होने की आशंका रहती है।

बीईओ से प्रतिक्रिया नहीं हो सकी:

मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रूपल जैन का पक्ष जानने के लिए कार्यालय में संपर्क किया गया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के अनुसार बीईओ उस दिन कार्यालय नहीं आई थीं। इसके बाद फोन के माध्यम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

कम भागीदारी पर विभाग से जवाब जरूरी:

प्रतियोगिता में ब्लॉक के अधिकांश विद्यालयों की भागीदारी नहीं होने के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग से यह जानकारी सामने आना जरूरी है कि सभी पात्र विद्यालयों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए सूचना और अवसर दिया गया था या नहीं तथा कम भागीदारी के पीछे क्या कारण रहे। विभाग द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने से आयोजन की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी और आगामी प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकेगा।